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आंदोलन कार्यक्रमवर्तमान आंदोलन
आंदोलन कार्यक्रम
AIRRBEA तथा यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस द्वारा आहूत चरणबद्ध कार्रवाई, जिसे भोपाल इकाई ने देश भर की इकाइयों के साथ मनाया।
1 फरवरी 2026
साधारण सभा, छिंदवाड़ा
MPGBEA ने अपनी साधारण सभा आयोजित की और राज्य समन्वयक तथा MPGBOA के महासचिव की उपस्थिति में नई कार्यकारिणी समिति निर्विरोध निर्वाचित की।
12 फरवरी 2026
श्रम संहिताओं पर अखिल भारतीय हड़ताल
दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत एक दिवसीय हड़ताल में भागीदारी, जिसमें भर्ती, पदोन्नति नियम तथा निजीकरण पर RRB-विशिष्ट मांगें वित्तीय सेवाएं विभाग को दिए गए नोटिस के साथ संलग्न की गईं।
25 अप्रैल 2026
चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद, पेंशन नियमों, सेवा एवं अवकाश विनियमों, PLI तथा भर्ती को लेकर 1 मई से देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई।
4 मई 2026
मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह कार्यवाही
RRB, प्रायोजक बैंकों तथा DFS को दिया गया हड़ताल नोटिस सुलह हेतु स्वीकार किया गया; उसी दिन संयुक्त चर्चा हुई और वार्ता जून तक जारी रही।
6 मई 2026
प्रधान कार्यालय पर धरना
देश भर के RRB में समन्वित धरने, जिनमें लंबित मांगों के तत्काल समाधान हेतु प्रबंधन को ज्ञापन सौंपे गए।
8 जून 2026
देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल
AIRRBEA द्वारा पदोन्नति नियमों, सेवा शर्तों, भर्ती, नियमितीकरण तथा वेतन समानता को लेकर आहूत।
19 जून 2026
RRB प्रधान कार्यालयों पर धरना
UFGBU का मांग सप्ताह प्रधान कार्यालयों पर प्रदर्शनों के साथ संपन्न हुआ, इसके बाद 10 जुलाई को NABARD क्षेत्रीय कार्यालयों पर सामूहिक प्रतिनिधिमंडल तथा 28 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय धरना हुआ।
4 अगस्त 2026 नवीनतम
अखिल भारतीय हड़ताल
UFGBU द्वारा बारह सूत्रीय चार्टर पर आहूत, जिसमें एकीकरण के बाद एक समान स्थानांतरण नीति तथा विनिवेश प्रस्तावों की वापसी शामिल है। इकाईवार भागीदारी रिपोर्ट संकलित की जा रही हैं।
सदस्य क्या जानें
भागीदारी हर सदस्य का अपना निर्णय है। इकाई इतना कर सकती है कि आप वह निर्णय पूरे तथ्यों के साथ लें, और बाद में किसी को अलग से निशाना न बनाया जाए।
सुलह भी पद्धति का हिस्सा है
हड़ताल नोटिस एक दरवाज़ा खोलता है। जून 2026 में एक पड़ोसी ग्रामीण बैंक में प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के समक्ष लंबी सुलह वार्ता के बाद वापस ले ली गई और मांगें वार्ता मेज़ पर ही तय हो गईं। यही परिणाम नोटिस का उद्देश्य है, उससे पीछे हटना नहीं।